टीओआई और साइनोवेट(ग्लोबल मार्केट रिसर्च एजेंसी)के ताजा सर्वे . . .
सर्वे में 4 में से 3 लोगों ने गेम्स के बढ़े हुए खर्चको असंगत करारदिया। नवीनतमअनुमान केमुताबिक,कॉमनवेल्थगेम्स का कुलखर्च 28,000 करोड़रुपये है,जिसमें से 16,000करोड़ रुपयेसिर्फ शहर केइंफ्रास्ट्रक्चरको डिवेलपकरने लिए खर्चकिया गया है।
सर्वे में 80% से ज्यादा लोगों का मानना है कि गेम्स पर किए जा रहे खर्च का भार आम करदाताओं को भुगतना पड़ेगा। जबकि, 5 फीसदी लोगों ने इस बारे में कुछ नहीं कहा। यही नहीं गेम्स में जो घूसखोरी मची हुई है उसका पैसा भी लोगों के पॉकिट से ही जा रहा, इसको लेकर लोग और दुखी हैं। तकरीबन 56% लोगों का मानना है कि गेम्स की तैयारियों में करप्शन के कारण दुनिया में भारत की इमेज खराब हुई है। वहीं 47% लोगों ने कहना है कि देरी और अस्तव्यस्त तैयारियों के कारण का भारत की इज्जत पर दाग लगा है।
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